किताबी रंग हिंदी में शरू किया गया ब्लॉग है।जिसमें आपको हिंदी के किताबो के सारांश और रिव्यु तो मिलेंगें ही अपितु अग्रेजी के किताबो के रिव्यु पढ़ने को मिलेंगे। दोस्तों आपने ये कहावत तो सुनी ही होगी कि “there is no friend as loyal as book” किताबो से अच्छा दोस्त कोई नही होता| किताबो को केवल पढ़ना ही नही होता। ये अपने आप मे एक बातचीत है! हर क़िताब कुछ कहती है और अच्छी क़िताब कहती ही नही हमे सुनती भी है। हमे जानने की कोशिश करती है हमे बताती है कि हम क्या है? हम कहा पहुच सकते है?

किताबी रंग का मक़सद उन लोगो तक पहुँचना है, जो अंग्रेजी के कारण किसी क़िताब को नही पढ़ पाते अथवा जिनको हिंदी भाषा मे आर्टिकल या पुस्तक पढ़ने में अच्छा लगता हैं। ये किताबी रंग द्वारा शरू किया गया एक छोटा सा गिलहरी योगदान है,जिसमें आपके सहयोग एवम प्यार की आकांक्षा रहेंगी।

About Me-

                        Ratnesh Verma

मेरा नाम रत्नेश वर्मा है। किताबी रंग मेरे द्वारा शरू किया गया एक छोटा सा प्रयास है। मैंने ग्रेजुएशन किया है। मेरी उम्र 21 वर्ष है। मुझे क़िताबों को पढ़ना शुरू से ही पसंद है। आपने देखा ही होगा कि दुनिया का हर बड़ा लीडर रीडर जरुर होता है “याद रखना “leader are reader” चाहे वह बिल गेट्स हो वारेन बफ़ेट हो अब्दुल कलाम जी हो या फिर मार्टिन लूथर किंग हो हर किसी के लाइफ रिडिंग का बहुत बड़ा रोल रहा है। लेकिन फिर भी आज कई ऐसे किताब है जो हिंदी में उपलब्ध नही है।इसी को ध्यान में रखते हुए मैंने Kitabi Rang की शरुआत की है।

किताबी रंग परिवार से जुड़ने के लिए बहुत आभार एवम धन्यवाद। मैं आशा करता हूँ,आप यू ही हमारा हौसला बढ़ाते रहेंगे।         

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